20+ ट्रेन सफर शायरी | Train Shayari in Hindi

ट्रेन का सफर अपने आप में एक अलग ही एहसास देता है — खिड़की से गुजरते खेत, पहाड़, नदियाँ और बदलते आसमान का नज़ारा, जैसे ज़िंदगी की कहानी पल-पल बदल रही हो। ट्रेन सफर शायरी इन्हीं पलों को शब्दों में कैद करती है, जहाँ हर स्टेशन एक नया मोड़ होता है और हर सीट पर कोई अनकही कहानी। इन शायरियों में सफर की वो ख़ुशबू होती है, जो दिल को छू जाती है और यादों के डिब्बे में हमेशा के लिए जगह बना लेती है।

ट्रेन सफर शायरी सिर्फ़ सफर का ज़िक्र नहीं, बल्कि उसमें छुपे जज़्बात, जुदाई, मुलाक़ात और इंतज़ार की धड़कनों का बयान है। यह उन पलों को बयाँ करती है, जब कोई अनजाना मुसाफ़िर भी अपनेपन सा लगने लगता है, और खिड़की के बाहर भागती दुनिया हमें अपने अंदर के सफर का एहसास कराती है। यहां हम आपके लिए ट्रेन सफर शायरी का संग्रह लेकर आए हैं।

ट्रेन सफर शायरी

रेलगाड़ी के सफर में कुछ अच्छे लोग मिलते हैं,
फिर कभी नहीं मिलने के लिए।

जिंदगी चलती ट्रेन जैसी है कुछ,
कब कौन सी ट्रैक चेंज कर ले कुछ पता पता नहीं।

मुसाफिर की नजर रेल का इंतजार करती है,
मिलों का सफर तय कर रेल अपनी मंजिल पर पहुंचती है।
पटरी का साथ पाकर रेल अपनी सफर पूरा करती है।

जिंदगी के इस सफर में
वक्त की तरह सभी ट्रेनें आई
रुकी और चली गई,
टिकट होते हुई भी बिना सवारी किए
में स्टेशन पर बैठा रहा अपने आप को कोसता हुआ
आती जाती ट्रेनों को देखता रहा।

बाहर निकलो, दुनिया देखो,
धोखा खाओ, अनुभव करो,
मजबूत बनो, शक्ति ऐसे ही आएगी,
वरना घर में पड़े-पड़े कब उम्र गुजर जाएगी
पता भी नहीं चलेगा।

निष्कर्ष

उम्मीद है कि आपको ट्रेन सफर शायरी जरूर पसंद आई होगी। अगर यह शायरियां आपके दिल को छू गई हैं, तो इन्हें अपने दोस्तों और करीबियों के साथ ज़रूर शेयर करें, ताकि वे भी ट्रेन के सफर के दौरान इन लफ़्ज़ों के जरिए अपने सफर को और भी खूबसूरत बना सकें।

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